
रामपुर बुशहर। रोजगार, मुआवजा समेत अन्य मांगों पर बार-बार मिल रहे आश्वासनों से तंग आए खनोटू के ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। बुधवार को ग्रामीणों ने साइट पर पहुंच कर न केवल राजपुरा प्रोजेक्ट प्रबंधन के खिलाफ जहर उगला, बल्कि प्रोजेक्ट के इनटेक का काम भी बंद करवा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर जल्द अमल नहीं हुआ तो प्रोजेक्ट का कार्य पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा।
महादेव कल्याण समिति खनोटू के बैनर तले ग्रामीण साइट पर एकत्रित हुए और प्रोेजेक्ट के इनटेक का काम बंद करवा दिया। समिति के प्रधान सोडी राम थापर, उपप्रधान दर्शन दास खौश, सचिव प्रकाश भलूनी, कोषाध्यक्ष कंवर सिंह कायथ, सलाहकार जर्मन नेगी, संजीव कुमार, जय सिंह थापर, बिशन दासी, सुदामा देवी, आशा देवी, शकुंतला देवी, बिमला देवी, मनोरमा देवी, रामदासी, आत्मा राम, भूपेश भलूनी, किशन दास, जगदीश, सतपाल, अनिल, घनश्याम, गुरदास, परमानंद और अनिल नेगी ने कहा कि प्रोजेक्ट प्रबंधन न तो फसलों का मुआवजा दे रहा है और न ही मकानों में आई दरारों का। इसके अलावा स्थानीय बेरोजगारों को प्रोजेक्ट में रोजगार देने में भी प्रबंधन फिसड्डी साबित हुआ है। इसी कारण उनको मजबूरन ऐसा कठोर कदम उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर प्रबंधन मांगों को लेकर उचित कदम जल्द नहीं उठाएगा तो इनटेक के अलावा प्रोजेक्ट की टनल समेत अन्य काम भी पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे। इस संबंध में ग्रामीणों ने एसडीएम रामपुर दलीप नेगी को भी ज्ञापन दिया।
पंद्रह जून तक दिया है समय : पटियाल
प्रोजेक्ट के महाप्रबंधक बीएस पटियाल ने कहा कि लोगों को 15 जून तक का समय दिया जा रहा है। प्रबंधन इस अवधि तक मांगों पर ठोस कदम उठाने के हरसंभव प्रयास करेगा। प्रदूषण के मुआवजे के रूप में छह लाख रुपये एसडीएम कार्यालय में जमा करवाए जा चुके हैं। जहां तक दरारों के मुआवजे की बात है तो इसके लिए भू-गर्भ वैज्ञानिक बुलाए गए हैं। इनकी रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा देंगे।
